Monday, October 17, 2011


निर्णय

जिन्दगी में कई ऐसे क्षण भी आते है
जब जिन्दगी और मौत आमने सामने खड़े हो जाते है
अक्सर इन्सान जाता है जिन्दगी के साथ
और फिर कुछ देर बाद
वैसे ही मुकाम पर फिर आकर खड़ा हो जाता है
मगर है ऐसी महबूबा  मौत 
 अगर चला जाए वो साथ उसके
तो वापिस वो पास जिन्दगी के कभी नही आता है

लेखक प्रवीन चन्द्र झांझी

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