कहानी
ये कैसी अजब कहानी है
नही पिला सकता 60 साल का बुढ्ढा किसी मंत्री को पानी
पर 80 साल की शीला कैसी कुर्सी की दीवानी है
83 साल में भी चाहते है बनना प्रधान मंत्री अडवाणी
और 80 साल के मनमोहन की है इच्छा की इस बार तो हेट्रिक बनानी है
"है ये कैसी अँधेरी नगरी चौपट राजा
टके सेर भाजी टके सेर खाजा "
आता है याद मुझे जो पढ़ा था वो दोहा था बड़ा सादा
पर लगता है सब भूल गये,कि जाना है इक दिन सबको
चाहे हो वो रंक या चाहे हो वो राजा
कबीर दास जी ठीक फरमा गये है
" मन मुआ न माया मुई, मिट मिट गये शरीर
इच्छा तृष्णा न मिटी कह गये दास कबीर"I
प्रवीन चन्द्र झांझी
ये कैसी अजब कहानी है
नही पिला सकता 60 साल का बुढ्ढा किसी मंत्री को पानी
पर 80 साल की शीला कैसी कुर्सी की दीवानी है
83 साल में भी चाहते है बनना प्रधान मंत्री अडवाणी
और 80 साल के मनमोहन की है इच्छा की इस बार तो हेट्रिक बनानी है
"है ये कैसी अँधेरी नगरी चौपट राजा
टके सेर भाजी टके सेर खाजा "
आता है याद मुझे जो पढ़ा था वो दोहा था बड़ा सादा
पर लगता है सब भूल गये,कि जाना है इक दिन सबको
चाहे हो वो रंक या चाहे हो वो राजा
कबीर दास जी ठीक फरमा गये है
" मन मुआ न माया मुई, मिट मिट गये शरीर
इच्छा तृष्णा न मिटी कह गये दास कबीर"I
प्रवीन चन्द्र झांझी