शादी के बाद पत्नी को बेगम क्यों कहते है, क्योंकि शादी के बाद सारे गम पति के हो जाते है और पत्नी 'बेगम ' हो जाती है
Thursday, April 19, 2012
Thursday, April 12, 2012
अमर बेल
ये यादे भी बड़ी अजीब है
जाने के बाद ही पता नही क्यों आती है
बड़ी बेवफा है ये
हंसा हंसा कर जाने क्यों रुला जाती है
जब तक रहे साथ साथ हम
रही दूरिया हममे
पर दूर होने पर न जाने
ये आँखे तुम्हे ही क्यों ढूँढती रह जाती है
या तो हम नही समझ पाए तुमको
या तुमने हमे कभी समझना नही चाहा
क्यों हुआ ऐसा इस बात की कसक
हमारी उलझन को और बड़ा जाती है
पेढ़ समझ कर लिपट गयी तुम हमसे
भ्रमा दिया तुमने हमे अपने जिस्म की सुगंध से
और बहुत देर से समझे हम कि
लिपट कर बड़ जाए बेल कितनी ही
पर जड़े तो उसकी अपनी ही
जमीन में ही रह जाती है
जमीन में ही रह जाती है
मगर काश समझ पाती अगर तुम
कि जो बेल भूलकर जमीन को अपनी
हवा के सहारे पनप जाती है
और लिपटकर पेढ़ से
खुद से खुद को भूल जाती है
और लिपटकर पेढ़ से
खुद से खुद को भूल जाती है
सिर्फ वो बेल ही अंत में
अमर बेल कहलाती है
अमर बेल कहलाती है
लेखक : प्रवीण चन्द्र झांझी
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