दुनिया
दुनिया वालो को कहना तो बहुत कुछ था मगर
अब कुछ कहना नही चाहता
गुस्सा अपनों पर किया जाता है
इसलिए अब किसी पर गुस्सा नही आता
दुनिया और वेश्या के कोठे में फर्क नही है ज्यादा
समझ पाता है इंसान जब तक
तब तक वो उस कोठे पर चढने के काबिल नही रहता
आम तौर पर बनते है कोठे उपर
क्योंकि वंहा तक पहुँचने के बाद
वो और नीचे गिर नही पाता
कहना तो बहुत कुछ था मगर ..............
लेखक प्रवीन चन्द्र झांझी
No comments:
Post a Comment