सुनहरा कल
जनलोक पाल तो सिर्फ एक अंगड़ाई है
मिटाना है अगर भ्रष्टाचार तो
लम्बी बहुत लड़ाई है
रखना ये याद कि
कायरो को इतिहास कभी माफ़ नही करता
हो जाय बलशाली कितना ही
झूठ और अत्याचार का रावण
पर सच्चाई के राम से कभी
वो जीत नही सकता
अत्याचारी शासक को है
नशा दमन का और
है उसके पास बंदूक और लाठी
मगर है सत्यवादी अन्ना
जैसे लोगो के पास
विश्वास और समर्थन जनता का
और ये विश्वास और साथ ही है उनके
इस जन आन्दोलन के साथी
समझ लो ये बात कि
जीना है तो मरना सीखो
बनाना है अगर सुनहरा कल
तो अपने आज के लिए लड़ना सीखो II
लेखक प्रवीन चन्द्र झांझी "हारा"
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